Home › Literature › अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी लर्निंग कर्व : स्वस्थ्य और ख़ुशहाल जीवन के लिए शाला में लालन-पालन भाग-2, अगस्त 2023
अज़ीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी लर्निंग कर्व : स्वस्थ्य और ख़ुशहाल जीवन के लिए शाला में लालन-पालन भाग-2, अगस्त 2023
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ख़ुशहाली एक पेचीदा अवधारणा है और हालाँकि आनन्द-केन्द्रित स्कूली संस्कृति इसके केन्द्र में है, लेकिन इसके लिए हर बच्चे पर व्यक्तिगत रूप से बहुत ध्यान देना भी ज़रूरी हो जाता है। बच्चे भावनाओं के स्तर पर कार्य करते हैं। उनकी ख़ुशहाली इस बात पर निर्भर करती है कि स्कूल, शिक्षक, अन्य विद्यार्थी और पूरा परिवेश उन्हें कैसा महसूस कराता है। बच्चों के बीच मौजूद शिक्षकों की ऐसी ही कहानियों और अनुभव पर यह अंक केन्द्रित है।
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