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मुज़फ़्फ़रनगर 2013 : राजनीतिक समाजशास्त्र के आईने में

अहमद, हिलाल

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस आलेख में साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण की राजनीति के मीडिया विमर्श से परे जाकर धर्म और जाति के जटिल रिश्ते, धार्मिकता के बदलते चरित्र, धर्म की सार्वजनिक उपस्थिति के प्रतीक व उसके राजनीतिक प्रयोग की चर्चा की गई है। इसमें संचार के माध्यमों के ज़रिए ग्रामीण समाज में उत्पन्‍न कल्पित समुदाय व पारम्परिक ग्रामीण संस्थाओं की राजनीतिक भूमिका की भी चर्चा की गई है। यहाँ लेखक हिन्दुवादी राजनीतिक उभार व इसके तीन मुहावरों सुशासन, स्वत:स्फूर्त हिन्‍दू रोष व हिन्‍दू अस्मिता की रक्षा की पड़ताल कर इसे समझने में सेकुलरिज़म-फ़ासीवाद के फ़्रेम की अपर्याप्तता व ख़तरे को इंगित करते हैं।

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