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Cover of बाल कथा का विखण्डन और पुनर्रचना

बाल कथा का विखण्डन और पुनर्रचना

भादू, राजाराम

FormatEbook
Published1998
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख बाल कथाओं को नई तरह से रचने का पक्षधर है। लेखक का मानना है कि कहानियों का एक ही रूप बच्चों की सृजनशीलता को सीमित करता है। लेख में कहानियों के उद्देश्यों व उनके मूल्यों को भी आलोचनात्मक दृष्टिकोण से देखने पर ज़ोर दिया गया है। इब्‍ने इंशा द्वारा पुनर्रचित 'प्यासा कौवा' व 'कछुआ और ख़रगोश' की कहानियों की मदद से विखण्डन व नई रचना की प्रक्रिया की महत्ता पर इस लेख में चर्चा की गई है।

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