Home › Education › बाल कथा का विखण्डन और पुनर्रचना
बाल कथा का विखण्डन और पुनर्रचना
Full text being prepared
Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख बाल कथाओं को नई तरह से रचने का पक्षधर है। लेखक का मानना है कि कहानियों का एक ही रूप बच्चों की सृजनशीलता को सीमित करता है। लेख में कहानियों के उद्देश्यों व उनके मूल्यों को भी आलोचनात्मक दृष्टिकोण से देखने पर ज़ोर दिया गया है। इब्ने इंशा द्वारा पुनर्रचित 'प्यासा कौवा' व 'कछुआ और ख़रगोश' की कहानियों की मदद से विखण्डन व नई रचना की प्रक्रिया की महत्ता पर इस लेख में चर्चा की गई है।
More by भादू, राजाराम
Browse all →शिक्षा : प्रश्नाकुल मस्तिष्क का विकास
भादू, राजाराम
शिक्षा और भारतीय लोकतंत्र
भादू, राजाराम
पाठ्यपुस्तकों की राजनीति और बच्चों का भविष्य
भादू, राजाराम
स्वाध्याय, बाल साहित्य और ज्ञान निर्माण
भादू, राजाराम
सामुदायिक सहभागिता और शिक्षा
भादू, राजाराम
प्रारम्भिक शिक्षा के लोकव्यापीकरण पर साझा अभियान
भादू, राजाराम
शिक्षा की भारतीय अवधारणा
भादू, राजाराम
पाठ्यपुस्तकों का प्रकार्य
भादू, राजाराम
More in Education
Browse all →
A Bible History of Baptism
Samuel J. (Samuel John) Baird
Studies in Civics
J. T. (James Thompson) McCleary
A Beginner's History of Philosophy, Vol. 2: Modern Philosophy
Herbert Ernest Cushman
Civil Government in the United States Considered with Some Reference to Its Origins
John Fiske
The Scholemaster
Roger Ascham
1001 задача для умственного счета
Sergei Aleksandrovich Rachinskii
Meetkundig Schoolboek
Hendrik Sluijters
Extracto de la gramatica mutsun
Felipe Arroyo de la Cuesta