HomeLiterature › पुरुष वर्चस्व का पहला सबक़

Cover of पुरुष वर्चस्व का पहला सबक़

पुरुष वर्चस्व का पहला सबक़

गालेआनो, एदुआर्दो

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख एदुआर्दो गालेआनो की स्पैनिश पुस्तक ‘उलटबासियाँ : उल्टी दुनिया की पाठशाला’ से लिया गया है। लेखक ने स्त्रीवादी नज़रिए से इतिहास, परम्पराएँ, धर्म, भाषा, भाषा का हिस्सा मुहावरे और रोज़मर्रा की साधारण-सी दिखने वाले वाक्य और व्यवहारों की समीक्षा की है। लेखक का मानना है कि इतिहास में औरतों को भोंदू, बददिमाग़, पिछड़ी, बेकार, अविश्वसनीय इत्यादि साबित करने के लिए कई चालें चली गईं और उसे ग़ुलाम बनाने के तमाम उपाय किए गए। डायन, वेश्यावृत्ति, भेदभाव आदि प्रथाओं से पार पाकर आधुनिक समाज निर्माण में स्त्रियों की भूमिकाओं के इतिहास को बताकर समाज को द्रुत गति से आगे बढ़ाने के कुछ उपाय भी लेखक ने दिए हैं।

More in Literature

Browse all →