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भारतीय उपमहाद्वीप के भूगर्भीय क्रमिक विकास की नयी व्याख्या

शंकरन, ए .वी

FormatEbook
Published1999
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह आलेख पूर्व-गोंडवानालैण्‍ड काल के दौरान मौजूद एक शुरुआती अधिमहाद्वीप का हिस्सा होने से लेकर इसके विभाजन और वर्तमान स्थान पर पलायन तक भारतीय उपमहाद्वीप के पुराभौगोलिक और भूगर्भीय क्रमिक विकास के बारे में रवि शंकर एवं अन्य के अध्ययन के निष्कर्षों पर आधारित है। यह कहता है कि भारत चार विभिन्न प्रखण्डों के एकीकरण से निर्मित हुआ है और हरेक के क्रमबद्ध विकास का इतिहास अलग है।

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