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Cover of ज्ञान का निर्माण एक अन्तर्क्रियात्मक उद्यम के रूप में :

ज्ञान का निर्माण एक अन्तर्क्रियात्मक उद्यम के रूप में :

बागची, तिस्ता

FormatEbook
Published2009
LanguageHindi
ReadingIncluded
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About this book
लेख विद्या भवन सोसायटी द्वारा अप्रैल 2004 में आयोजित ‘ज्ञान का निर्माण’ सेमीनार में तिस्ता बागची द्वारा दिए गए वक्तव्य को प्रस्तुत करता है। वक्ता बताती हैं कि ज्ञान प्रणालियों और शिक्षा के दायरों व प्रक्रियाओं के आपसी सम्बन्ध की छानबीन एक विस्तृत एवं बहुआयामी उद्यम हैं। वे यह भी रेखांकित करती हैं कि भाषा को जानने, हासिल करने और उपयोग करने की विशिष्ट क्षमता ही हम इन्सानों को जगत के बाक़ी प्राणियों से अलग करती है। इसी क्षमता की वजह से ज्ञान के निर्माण के क्षेत्र में नित नए प्रयोग हो रहे हैं और यही क्षमता हमें अपने ज्ञान को निरन्तर परिमार्जित करने को प्रोत्साहित करती रहती है।

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