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शिक्षा अपने आप में मूल्यों का सम्प्रेषण है

प्रपन्‍न, राघवेन्द्र

FormatEbook
Published2003
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2000 दस्तावेज़ को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया कि दस्तावेज़ में प्रक्रिया पूरी नहीं की गई थी। प्रो. कृष्णकुमार से यह बातचीत कोर्ट का फ़ैसला आने के बाद की गई थी। इस बातचीत में याचिका में दर्ज आपत्तियों पर विस्तृत चर्चा है। साथ ही कोर्ट के फ़ैसले के बाद दस्तावेज़ पर क्या प्रभाव पड़ेगा और शिक्षा की प्रक्रियाओं में राजसत्ता एवं न्यायालयों द्वारा हस्तक्षेप को किस तरह देखा जाना चाहिए, जैसे सवालों पर भी इस बातचीत में चर्चा की गई है।

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