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रंगभेद और पुरुष वर्चस्व का पहला सबक़
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About this book
यह लेख सत्ताधारी वर्ग द्वारा अश्वेतों और आदिवासियों के शोषण को उद्घाटित करते हुए जनसाधारण के इतिहास को प्रस्तुत करता है। इतिहास लेखन और रोज़मर्रा के जीवन में एक आम व्यक्ति भी किस तरह अनजाने में भी पुरुषवादी एवं रंगभेद की मानसिकता का शिकार होता है, इसे उदाहरणों सहित दिखाया गया है। इसका प्रभाव हमारी कथित आधुनिक न्यायप्रक्रिया, शासन व्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था पर देखा जा सकता है। लेख में आदिवासी या मूल निवासियों के साथ हुए ऐतिहासिक शोषण की प्रणाली को पेश किया गया है।
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