HomeEducation › हल्का-फुल्का, नज़रें चुराता न्यूट्रिनो

Cover of हल्का-फुल्का, नज़रें चुराता न्यूट्रिनो

हल्का-फुल्का, नज़रें चुराता न्यूट्रिनो

बापट, भास

FormatEbook
Published2018
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
आज की हमारी समझ के मुताबिक परमाणु ऋणावेशित हल्के-फुल्के इलेक्ट्रॉन और एक भारी-भरकम धनावेशित नाभिक से बना होता है। यह भी बताया जाता है कि नाभिक प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से बनता है। इनमें से न्यूट्रॉन पर कोई आवेश नहीं होता जबकि इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन पर बराबर-बराबर ऋण व धन आवेश होते हैं। न्यूट्रॉन और प्रोटॉन का द्रव्यमान लगभग बराबर होता है। न्यूट्रॉन के बारे में कुछ और गहरी बातें जो परमाणु की हमारी समझ को समग्र बनाती हैं।

More by बापट, भास

Browse all →

More in Education

Browse all →