Home › Literature › चुनाव और हमारा विवेक
चुनाव और हमारा विवेक
Full text being prepared
Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख में चुनावों से जुड़े कई मुद्दों पर बातचीत की गई है। यह आम धारणा है कि चुनाव का सम्बन्ध केवल राजनीति और राजनीतिक दलों से होता है, यह चर्चा इस मान्यता को चुनौती देते हुए चुनाव को सामाजिक यथार्थ का हिस्सा मानती है। चुनाव से जुड़े अध्ययन सेफ़ोलॉजी को भी चुनाव का विश्लेषण मात्र मान लिया जाता है, लेकिन यह व्यापक रूप में समाज-विज्ञानों के अध्ययन की एक पद्धति भी हो सकती है। चुनावी राजनीतिज्ञ को आम नागरिक की तरह मानकर चुनाव और उसमें हिस्सा लेने वाले समाज को समझने की दिशा में समाज-विज्ञानों के अध्ययन का ध्यान आकृष्ट करना इस चर्चा की केन्द्रीय चिन्ता है।