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अनुबन्धित श्रमिक : प्रवास और औपनिवेशिक नीति
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About this book
इस लेख में औपनिवेशिक राज्य की अनुबन्धित-श्रम सम्बन्धी नीतियों, कानूनों और प्रावधानों पर एक समीक्षात्मक दृष्टि डाली गई है। मार्क्सवादी इतिहासकारों तथा राष्ट्रवादियों की अवधारणाओं के विपरीत यह लेख औपनिवेशिक कानूनों में मज़दूरों के स्थान की स्पष्ट शिनाख़्त करता है। इस प्रकार नई दासता से सम्बन्धित तर्क की समीक्षा करते हुए एक वैकल्पिक दृष्टि की प्रस्तावना करता है। यह लेख प्रवासी टैक्स पर बने कानूनी उपायों, नियम-क़ायदों तथा भारत में उसके स्रोत-स्थान से जुड़े क़ानूनों पर विचार करता है।
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