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Cover of बच्‍चे विद्यालय की संस्‍कृति अपना लेते हैं

बच्‍चे विद्यालय की संस्‍कृति अपना लेते हैं

पी एस, विजयाश्री

FormatEbook
Published2021
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख में लेखिका अपने फेलोशिप अनुभव का वर्णन करती हैं। काम के दौरान कुछ ही दिनों में, उन्होंने देखा कि शिक्षकों के 2 अलग-अलग समूह थे, जिन्होंने अपना भोजन कभी साझा नहीं किया। दोपहर के भोजन के समय की घटना को क़रीब से देखने पर पता चला कि ये समूह सामाजिक मानदण्डों (जाति) पर आधारित थे, जहाँ एक समाज के लोग, दूसरे समाज के लोगों के साथ अपना भोजन साझा नहीं करते। लेखिका के अनुसार, जाने-अनजाने बच्चे अपने शिक्षकों के कार्यों और उनके व्यवहार का अनुकरण करते हैं एवं उनकी आदतों को भी अपना लेते हैं।

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