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अन्धेपन का जैव-विकास

विश्‍वनाथन, विनता

FormatEbook
Published2015
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
अपने आसपास दिखाई देने वाले विविध जीवों का वर्तमान स्वरूप जो आज हम देखते हैं वे वास्तव में सतत जैव-विकास यात्राओं से गुज़र कर यहाँ तक पहुँचा है।यह लेख बतलाता है कि एक ही प्रजाति के जीव अलग-अलग जैव परिस्थितियों में कितने भिन्न तरह से विकसित होते हैं।

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