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मैं शिक्षक रहा हूँ, इस बात का मुझे फ़ख़्र है

सिंह, गुरबचन

FormatEbook
Published2019
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह साक्षात्कार बुन्देलखण्ड के कस्बाई सरकारी विद्यालयों में तक़रीबन तीन दशक तक अध्यापक और प्रधान अध्यापक के रूप में कार्य करने वाले शिक्षक फूलचन्द्र जैन के शैक्षिक अनुभवों का विवरण प्रस्तुत करता है। इसमें अनुशासन की समझ, पालकों का शिक्षकों पर विश्वास और उनकी तैयारी जैसे मुद्दों पर बातचीत की गई है। बातचीत से हम शिक्षक की दृष्टि से बचपन, सीखने-पढ़ने के तरीक़ों और प्रभावी शिक्षक-प्रशिक्षण की समस्याओं व सुझावों और अच्छे शिक्षक की जवाबदेही जैसे मसलों को देख-समझ पाते हैं।

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