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शिक्षक
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About this book
रवीन्द्रनाथ टैगोर का यह व्याख्यान उनकी पुस्तक ‘रिलीजन ऑफ मैन’ से लिया गया है, जिसमें वे अपने भीतर शिक्षक के विकास के बारे में सविस्तार वर्णन करते हैं। वे बताते हैं कि किस प्रकार बदलते आधुनिक समय में उन्होंने एक निर्वासित व्यक्ति की तरह महसूस किया और किस प्रकार प्रकृति एवं दुनिया के ऐक्य को आदर्श रूप में प्रस्तुत करने वाले शैक्षणिक संस्थान की स्थापना का विचार अस्तित्व में आया। वह अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और अपने स्कूली दिनों के बारे में भी बताते हैं और साथ ही यह भी बताते हैं कि किस तरह से उन्होंने अपने शिक्षा के दर्शन को अपने स्कूल में लागू किया।