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Cover of आदिमाता की खोज में

आदिमाता की खोज में

वेंकटेश्‍वरन्, टी.वी.

FormatEbook
Published2002
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
अपने पुरखों के बारे में जानने की इच्छा स्वाभाविक है। हमारी आदिमाता कौन थी? 19वीं शताब्दी में मानववंश के मूल का पता लगाने के लिए अध्ययन शुरू हुए। नृवंशशास्त्र के द्वारा विभिन्न प्रजातियों की समानताओं और भिन्नताओं की खोज पुरातन काल की बची हुई हड्डियों की मदद से की गई। फिर डारविन का सिद्धान्त आया। बिखरे सूत्र समेटने के लिए अनेक अध्ययन हुए। कार्बन डेटिंग पद्धति और बाद में जेनेटिक इंजिनियरिंग की सहायता ली गई, डीएनए परीक्षण होने लगे। निष्कर्षतः इन अध्ययनों से भारत की अनुवांशिकीय एकता सिद्ध होती है।

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