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महिला हिंसा और पुलिस की भूमिका
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About this book
यह लेख क़ानून के राज में महिलाओं पर हो रही ज़्यादतियों के सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों की पड़ताल करता है। सामाजिक क्रूरता और पुलिसिया असंवेदनशीलता की कड़ियों को जोड़कर लेखिका ने परम्परा से चली आती अपराधिक प्रवृत्तियों को प्रस्तुत किया है। महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी और सामाजिक असुरक्षा महिलाओं के ख़िलाफ़ होने वाली ज़्यादातर हिंसाओं की वजह हैं। लेख अपनी बात को पुख़्ता करने के लिए राजस्थान से उदाहरण लेता है।