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Cover of खेल

खेल

भोगले, हर्ष

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy $1
About this book
लेख भारत के शहरी खिलाड़ियों एवं शहरी खेलों की बात करता है। इसके ज़रिए लेखक शहरी खिलाड़ियों की संख्या में गिरावट और समय एवं स्थान की कमी का ज़िक्र करते हुए पढ़ाई एवं सामाजिक मीडिया में क्रान्ति के कारणों की पड़ताल करते हैं। साथ ही वे सुझाते हैं खेलकूद तब शानदार ढंग से आविष्कारी हो सकते हैं जब स्कूल खेलकूद को प्रोत्साहित करने में अपनी भूमिका अच्छी तरह निभाए और शिक्षक अपने बच्चों को खेलने के लिए निरन्तर प्रेरित करते रहें।

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