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यह 'मेरी' नहीं, 'उनकी' दुनिया' है

दिलीप,

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
एनसीएफ 2005 की रोशनी में राजस्थान की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों की छानबीन करता यह लेख ज्ञान के वर्चस्व, सम्वैधानिक मूल्य, परम्परावाद, वंचित तबक़ों के प्रतिनिधित्व, परिवार, लिखित प्रसंग, ज्ञान सृजन आदि विषयों के बारे में विस्तार से बात करता है। लेख बताता है कि ये किताबें खास वर्ग को केन्द्र में रखकर सोचती हैं जिससे बहिष्करण की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलता है।

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