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शिक्षक संगठनों की प्रासंगिकता पर लगते प्रश्‍न चिन्ह

पण्डित, सुरेश

FormatEbook
Published2000
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
प्रस्तुत लेख मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कार्यरत शिक्षक-संगठनों की कार्यपद्धति व सीमित माँगों तक महदूद हो जाने पर सवाल खड़े करता है। पाठ्यक्रम, पाठ्यचर्चा निर्माण, परीक्षा प्रणाली आदि के सम्बन्ध में शिक्षक संगठनों की असक्रियता से समाज में शिक्षक की स्थिति पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को इस लेख के माध्यम से समझाने की कोशिश की गई है। लेख में, शिक्षा के राज्यसत्ता से सम्बन्ध तथा विकेन्द्रीकरण द्वारा शिक्षा के सार्वजनीकरण पर भी विचार-विमर्श किया गया है।

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