HomeEducation › बाल संसद के रास्ते

Cover of बाल संसद के रास्ते

बाल संसद के रास्ते

मलय', प्रमोद दीक्षित

FormatEbook
Published2014
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
किसी भी अवधारणा या योजना को क्रियान्वित किए जाने के लिए पूरे मन से कोशिश करना बहुत ज़रूरी है। बाल संसद या बाल पंचायत की बहुत बात की जाती है। बहुत सारे विद्यालयों में वह गठित भी की जाती है। लेकिन क्या सचमुच उसका वह उद्देश्य पूरा होता है, जिसके लिए उसकी कल्पना की गई है। यह आलेख बताता है कि एक स्कूल में बाल संसद की अवधारणा किस तरह उभरी, उसे धरातल पर लाने के लिए लेखक ने किस तरह के प्रयास किए।

More in Education

Browse all →