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हमें अनुक्रियाशील स्‍कूलों की आवश्‍यकता क्‍यों है !

शुक्‍ला, सुबीर

FormatEbook
Published2021
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह आलेख इस बात को रेखांकित करता है कि बच्चे स्कूल के बाहर अपने जीवन से जो समृद्ध ज्ञान प्राप्त करते हैं और जिसे देखने में हम असमर्थ होते हैं, उसे कक्षा की प्रक्रियाओं में शामिल नहीं किया जाता। प्रत्येक बच्चे को उसकी आवश्यकतानुसार शिक्षक का समर्थन, अवसर व समय मिलना चाहिए। इसके लिए बच्चों से स्कूल के साथ समायोजित होने की अपेक्षा न करके स्कूल को बच्चों के अनुकूल बनाना होगा और इसके लिए शिक्षा को देखने के अपने नज़रिए में बदलाव लाना होगा।

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