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मन के चित्रों और ख्‍़यालों से...

गुप्ता, वरुण

FormatEbook
Published2021
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
हर बच्चा बहुत कुछ जानता है और अपने आसपास के संसार को देखते हुए अपनी समझ बनाता जाता है। बस ज़रूरत है उसे आज़ादी से अपनी बात कहने-सुनाने की और अध्यापक के स्‍नेह व समझ के साथ-साथ अच्छे वातावरण की। परन्तु लेखक ने पाया कि यह भी एक सच्चाई है कि अधिकतर बच्चे, यहाँ तक कि 9 व 10 वर्ष के विद्यार्थी भी पढ़-लिख नहीं पाते हैं। यह लेख बताता है कि कैसे एक शिक्षक की अटूट मेहनत और समझ के साथ बच्चों द्वारा अपने मन के ख्‍़यालों और चित्रों को कागज़ पर उतारने की प्रक्रिया से बच्चे आज आत्मविश्‍वास के साथ अपने विचार व भाव लिखकर व्यक्त कर पा रहे हैं।

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