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Cover of वल्लाह, क्या ग़लती है!

वल्लाह, क्या ग़लती है!

थॉमस, लुईस

FormatEbook
Published1995
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
प्रस्तुत लेख लुईस थामस की पुस्तक “मेड्युसा एण्ड द स्नेल” से उद्धृत एक लेख का अनुवाद है। इस लेख में जैव विकास की प्रक्रिया में डीएनए की प्रतिकृति बनने के दौरान उसमें होने वाली त्रुटियों के महत्त्व को इंगित किया गया है। लेखक के अनुसार यह ग़लति‍याँ पहले ही से नियत थीं। शुरूआत से ही डीएनए का अणु छोटी-छोटी भूलें करने के फरमान से बन्धा था। आज की इस विविधता भरी दुनिया का श्रेय इन्हीं ग़लतियों को जाता है।

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