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भाषा तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा

प्रसाद, इन्दु

FormatEbook
Published2009
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख स्कूल स्तर पर भाषा सीखने और सिखाने पर राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 की स्थिति की पड़ताल करता है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 के अनुसार, बच्चों में भाषा सीखने की क्षमता का एक स्तर होता है। जब तक बच्चे स्कूल में प्रवेश करते हैं, तब तक वे घर और स्थानीय भाषाओं में काफ़ी मात्रा में सम्प्रेषण कौशल सीख चुके होते हैं। इसलिए स्कूली शिक्षा में बच्चों की अपनी भाषाएँ सिखाई जानी चाहिए ताकि वे भ्रमित न हों। कक्षा में बहुभाषी संसाधनों का उचित उपयोग किया जाना चाहिए। हमें यह महसूस करना चाहिए कि उपलब्धि का मतलब केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं है, बल्कि अवधारणाओं को समझना, सम्प्रेषण और अभिव्यक्ति कौशल प्राप्त करना भी है। लेख शिक्षकों से इस सम्बन्ध में सक्रिय होने का आग्रह करता है।

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