HomeHistory › महिषासुर विमर्श पर बहस : मिथकीय आख्यान और इतिहासबोध

Cover of महिषासुर विमर्श पर बहस : मिथकीय आख्यान और इतिहासबोध

महिषासुर विमर्श पर बहस : मिथकीय आख्यान और इतिहासबोध

मिश्र, विश्‍वनाथ

FormatEbook
Published2017
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख में स्पष्ट तौर पर मिथकीय आख्यानों के इतिहासबोध और इतिहासबोध के मिथकीय आख्यान जैसी चालों से बचने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। लेखकों का मानना है कि ये दोनों प्रवृतियाँ इतिहास-लेखन से जितना इतिहास को उजागर करती हैं, उससे अधिक इतिहास को निर्मूल करती हैं। लेखक विशुद्ध अकादमिक दृष्टि से देखते हुए पाश्चात्य इतिहास-लेखन में इतिहासबोध से मिथकीय आख्यान के निर्मूल होने और भारत में मिथकीय आख्यानों के आच्छादन से इतिहास कुछ-कुछ गुम हो जाने को रेखांकित करता है। इस लेख में महिषासुर विमर्श को जाति-जनजाति सातत्यता की उपेक्षा और आर्य-अनार्य मिथक की भ्रान्ति पर विश्‍वास के सन्दर्भ में चर्चा की गई है।

More in History

Browse all →