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Cover of पाठ्यक्रम

पाठ्यक्रम

पीटर्स, आर. एस.

FormatEbook
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इसमें विश्‍लेषण किया गया है कि मानवीय बोध के लिए ज्ञान स्वरूपों की विविधता और अनुभवों की विशिष्ट प्रकृति पर ध्यान देना ज़रूरी नहीं है। लेकिन डिज़ाइन की एकीकृत इकाइयों के प्रयोग बिना ज्ञान के विभिन्न क्षेत्रों के जटिल अन्तर्सम्बन्धों की समझ बनाना भी मुश्किल है, जिसके बिना किसी स्वतंत्र क्षेत्र का ज्ञान नहीं हो सकता। पाठ्यचर्या विवाद के ध्रुवीकरणों के प्रसंग में इस बात पर चर्चा करते हुए और दार्शनिक ग़लतफ़हमियों को उभारते हुए दिखाया है कि समस्या विकट है लेकिन ज्ञान के गुँथे तत्वों की समझ और उनकी स्वतंत्रता एक साथ सम्भव है। आगे पाठ्यचर्या के पीछे कार्यरत उद्देश्यों और साधन-साध्य सम्बन्धों की भी चर्चा की गई है।

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