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वड़लो बनाम बरगद

शर्मा, गिरीश

FormatEbook
Published2009
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख अधिगम प्रक्रिया के दौरान स्थानीय भाषा के उपयोग की महत्ता को रेखांकित करता है। इसके माध्यम से लेखक अपने विद्यालय एवं कक्षा अवलोकन के अनुभवों के आधार पर इंगित करते हैं कि जिन कक्षाओं में बच्चों के सीखने-सिखाने में स्थानीय भाषा का उपयोग किया जाता है वहाँ बच्चे ज़्यादा सहजता से सीखते हैं और उनका यह सीखना चिरस्थायी भी होता है। वे सुझाते हैं कि ऐसे में शिक्षकों का यह नैतिक दायित्व बन जाता है कि वे मानक भाषा के साथ स्थानीय भाषा का भी प्रयोग करें जिससे बच्चों में समझ और आत्मविश्वास के साथ-साथ अन्य भाषाएँ सीखने के प्रति रुझान भी विकसित हो सकें।

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