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गाँठ सिद्धान्त - कोई छोर न छूटे ढीला

रामालिंगम, रम्या

FormatEbook
Published2017
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख में लेखिका हमें गाँठों की दुनिया में ले जाती हैं। एक गाँठ को एक निश्चित तरीके से एक-दूसरे पर पार की गई डोरी के टुकड़े के रूप में माना जा सकता है, जिसके सिरे एक साथ बंधे होते हैं। गाँठ सिद्धान्त टोपोलॉजी का एक महत्वपूर्ण उप-क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार की गाँठों के गुणों का अध्ययन करता है। यह विषय गणित की एक बिल्कुल नई और अभी भी विकासशील शाखा है। लेखिका उदाहरणों के साथ का गाँठ अर्थ समझाता है और राइडेमास्टर प्रमेय और गाँठ से जुड़े विभिन्‍न निश्चर पर चर्चा करती हैं, जो मुख्य रूप से यह निर्धारित करने के लिए उपयोग किए जाते हैं कि दो दी गई गाँठ समकक्ष हैं या नहीं।

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