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लैंगिक असमानता से समानता तक : ‘सद्भावना विद्यालय’ की ओर
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About this book
लेख समाज में महिलाओं और पुरुषों के बीच व्याप्त असमानताओं को सन्दर्भित करता है। इसमें लेखिका बताती हैं कि लैंगिक असमानता कई छोटे-छोटे कार्यों और व्यवहारों का परिणाम है और यह विभाजन प्राचीन समय से चला आ रहा है एवं आज भी सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, वैज्ञानिक, मनोरंजन और खेल जैसे क्षेत्रों में मौजूद है। साथ ही वे स्कूलों में लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देने वाले व्यवहारों के कुछ उदाहरण देते हुए स्कूल में स्टाफ के साथ मिलकर लैंगिक असमानता को दूर करने के लिए किए गए प्रयासों को साझा करती हैं।