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Cover of पर्यावरण अनुसन्धान और क्रियात्मकता के फ़ासले को पाटना

पर्यावरण अनुसन्धान और क्रियात्मकता के फ़ासले को पाटना

नागेन्द्रा, हरिणी

FormatEbook
Published2023
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख हाल के वर्षों में देश में बढ़ते शहरीकरण के शहरी पारिस्थितिक तंत्रों पर पड़ने वाले प्रभावों की ओर ध्यानाकर्षित करने वाले अकादमिक शोधों को रेखांकित करता है। इसके मार्फ़त लेखिकाद्वय ऐसे शहरी लोक संसाधनों के महत्त्व पर भी प्रकाश डालती हैं, जो शहरी क्षेत्र में आने वाली बाढ़ों से निपटने, वायु प्रदूषण को कम करने, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करने, शहरों का तापमान बढ़ाने वाले ऊष्मा-द्वीप प्रभावों को कम करने और सूखे एवं पानी के अभाव का मुक़ाबला करने के लिए प्रकृति-आधारित समाधान प्रदान करते हैं।

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