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आधुनिक कक्षाओं में पारम्परिक ज्ञान

नमामि, शर्मा

FormatEbook
Published2023
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख रेखांकित करता है कि धीरे-धीरे युवा पीढ़ी में वनों से अपनेपन और जुड़ाव की भावना ख़त्म होने लगी है। आधुनिक स्कूली पाठ्यचर्या भी शायद ही कभी पारम्परिक ज्ञान प्रणालियों को शामिल करती है या विद्यार्थियों को पर्यावरणीय आचार-विचार विकसित करने में संलग्न कर पाती है। लेखिका बताती हैं कि पारम्परिक ज्ञान, संरक्षण के व्यवहारों से उत्पन्न होता है और पारिस्थितिक जागरूकता और चेतना फैलाने में भी योगदान देता है। अत: कक्षा में पर्यावरण-केन्द्रित आदर्श उत्पन्न करने के लिए बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में शामिल करना अनिवार्य हो जाता है। इसके लिए वे कक्षा में की जा सकने वाली कुछ गतिविधियाँ भी सुझाती हैं।

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