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Cover of अनुपयोगी'' होने का महत्त्व

अनुपयोगी'' होने का महत्त्व

नायक, धनवन्ती

FormatEbook
Published2011
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy $1
About this book
लेख रेखांकित करता है कि जहाँ एक ओर नई तकनीकों ने आभासी दुनिया में इंसान को इतना क़रीब ला दिया है कि वे प्रतिक्षण परस्पर सम्पर्क में रहते हैं वहीं दूसरी ओर वे अपनी अन्तर-आत्माओं से और वृहद दुनिया की वास्तविकताओं से दूर होते जा रहे हैं। इसमें लेखिका सामाजिक विज्ञानों सहित विज्ञान के सभी अध्ययन क्षेत्रों को मानविकी के विषयों के साथ जोड़ने और उनके बीच लुप्त हो चुके सक्रिय आदान-प्रदान को पुन: स्थापित करने का आग्रह करती हैं।

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