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सीखने की कठिनता वाले बच्चों के लिए सामाजिक-भावनात्मक मदद
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About this book
इस लेख में डिस्लेक्सिया वाले बच्चों और अन्य बच्चों के बीच शैक्षणिक प्रदर्शन और क्षमताओं के अन्तर की बात की गई है। लेखिका बतलाती हैं कि इन बच्चों को पढ़ने, लिखने, वर्तनी या गणित के सवाल हल करने, अपनी चीज़ों को व्यवस्थित करने, योजना बनाने, आवेग और भावनात्मक नियंत्रण में कठिनाई आती है। अत: इन बच्चों को उसी तरीक़े से पढ़ाना चाहिए जिस तरीक़े से वे समझ सकें। इन्हें कक्षा प्रक्रियाओं और परीक्षा में समाहित होने में पर्याप्त मदद के साथ–साथ कक्षा में मौजूद अन्य बच्चों को डिस्लेक्सिया से होने वाली कठिनाइयों के बारे में समझाना, इन बच्चों के लिए बराबरी के अवसर बनाने में काफ़ी मददगार रहता है।