Home › Literature › ज़िन्दगी और जीवटता की बुनावट : किमिया
ज़िन्दगी और जीवटता की बुनावट : किमिया
Full text being prepared
Keep a copy ₹9
About this book
हदिस लज़र ग़ोलामी की लिखी किताब किमिया का अँग्रेज़ी से हिन्दी में अनुवाद दीपाली शुक्ला ने किया है। पुस्तक चर्चा में दीपाली इसके हिन्दी अनुवाद में आई चुनौतियों की चर्चा करती हैं।