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साक्षात्कार : चुनौती बस यही है कि शिक्षक सोचने-विचारने और पढ़ने-लिखने वाले बनें

चंद्र जोशी, कमलेश

FormatEbook
Published2023
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस बार के साक्षात्कार में शिक्षक धर्मपाल गंगवार से कमलेश चंद्र जोशी की बातचीत शामिल है। धर्मपाल ज़ोर देकर कहते हैं कि अच्छी शिक्षा के लिए शिक्षक की अपने साथी शिक्षकों से, शिक्षा में काम कर रहे अन्य व्यक्तियों से अन्तर्क्रिया ज़रूरी है। वे शिक्षकों के लिए पढ़ना-लिखना और अपने अनुभवों पर मनन करना ज़रूरी मानते हैं। पढ़ने और सोचने को बहुत ज़रूरी मानते हुए वे कहते हैं कि इससे शिक्षक में आत्मविश्वास आता है और सीखने-सिखाने की प्रक्रिया बेहतर होती जाती है।

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