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सामाजिक न्याय - पिछड़े वर्गों की भूमिका
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About this book
यह लेख सामाजिक न्याय और उसकी ज़रूरत के आसपास मण्डराने वाले सवालात पर केन्द्रित है। लेख वर्णव्यवस्था को सामाजिक असमानता पैदा करने वाले प्रमुख कारण के तौर पर देखता है। असमानता दूर करने के विभिन्न प्रयासों पर ध्यान देते हुए लेखक पाता है कि साधनों और अवसरों पर एक ऐसे स्वार्थी वर्ग का कब्ज़ा है जो हर समतामूलक प्रयास का विरोधी है। सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए लेख परिवर्तनकामी शक्तियों से आगे आने की मांग करता है।