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ड्राइंग आफ़्टर : कार्टून, विभाजन और महिलाएँ

अली, नासिफ़ मुहम्मद

FormatEbook
Published2019
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख में ब्रिटिश कार्टूनिस्ट लेस्ली इलिंगवर्थ द्वारा डेली मेल के लिए बनाए गए कार्टूनों का भारत के विशेष सन्दर्भ में अध्ययन किया गया है। यहाँ इन कार्टूनों में महिलाओं को हिंसा की विषय-वस्तु के तौर पर समझने का प्रयास किया गया है। लेख सविस्तार बताता है कि किस तरह महिलाओं को जानबूझकर हिंसा के प्रतीक की तरह रचनात्मक कलाओं में भी गढ़ा गया है। लेखक का मानना है कि यह एक तरह की राजनीति का हिस्सा है, जहाँ एक जेंडर दूसरे के प्रति उदारवादी कलाओं का भी प्रोपेगेंडा की तरह इस्तेमाल करता है।

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