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Cover of अपने बच्चे के सपने को जीना

अपने बच्चे के सपने को जीना

ब्रह्मचारी, वाणी

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
लेख के मार्फ़त लेखिका एक अभिभावक के रूप में अपने बेटे के द्वारा कला को पेशे के रूप में चुनने के निर्णय के माध्यम से इस विषय से सम्बन्धित कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों को सहजता से उठाने का प्रयास करती हैं। वे रेखांकित करती हैं कि हमारे देश में अधिकतर बच्चे स्कूली जीवन के बाद अपने भविष्य निर्माण हेतु चुने जाने वाले विकल्पों के प्रति जागरूकता और पूर्ण स्वतंत्रता के अभाव में प्रायः समझौते करते हैं।

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