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प्रारम्भिक साक्षरता के लिए एक अवधारणात्मक रूपरेखा की ओर - एक संतुलित और सामाजिक रूप से संवेदनशील दृष्टिकोण
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यह आलेख प्रारम्भिक साक्षरता कार्यक्रमों के लिए एक अवधारणात्मक रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जिसमें उद्गामी साक्षरता और ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण दृष्टिकोणों का सामंजस्य है। इसमें पढ़ने-लिखने के लिए अनुकूल वातावरण निर्माण और बच्चों को बुनियादी साक्षरता अवयवों जैसे अक्षर-ध्वनि-शब्द सम्बन्धों को समझने में और अर्थ के साथ जूझने में मदद जैसे तत्त्व शामिल हैं। आलेख में एक प्रिण्ट समृद्ध कक्षाकक्ष के उपयोग तथा बच्चों को साहित्यिक और सूचनात्मक सामग्री से परिचित कराने के लिए व्यवहारिक सुझाव हैं। इसी तरह वर्णमाला उपयोग के बुनियादी साक्षरता कौशलों को विकसित करने और अर्थ समझने में मददगार गतिविधियाँ भी सुझाई गईं हैं। अन्त में शिक्षक की भूमिका की चर्चा भी है।
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