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घिसे-पिटे, पारम्परिक विचारों का प्रतिरोध

विजय, डॅामिनिक

FormatEbook
Published2013
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy $1
About this book
लेख में बच्चों के शारीरिक कद-काठी, जेंडर रुढ़ियों से जूझने के प्रयासों की बात की गई है। इसमें लेखक बतलाते हैं कि सही अवसर, वाज़िब खेल-सुविधा, तकनीकी सहयोग एवं व्यवस्थित चयन प्रणाली के ज़रिए हर इच्छुक बच्चे को उसकी पसन्द का खेल चुनने का मौक़ा दिया जा सकता है। साथ ही वे इस बात पर प्रकाश डालते हैं कि खेलों के माध्यम से अधिकार और सशक्तिकरण सरीखे बराबरी और समता के उद्देश्य सुदृढ़ होते हैं और जिससे शिक्षा एवं नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा मिलता है जो किसी भी समाज और संस्कृति के विकास के लिए आवश्यक है।

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