HomeEducation › हम तो परभाकर हैं जी

Cover of हम तो परभाकर हैं जी

हम तो परभाकर हैं जी

परसाईं, हरिशंकर

FormatEbook
Published1995
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
प्रस्तुत लेख हरिशंकर परसाईं द्वारा रचित पुस्तक “हम इस उम्र से वाकिफ़ हैं” का एक व्‍यंग्‍य लेख है। इसमें लेखक ने स्कूलों में शिक्षकों द्वारा बच्चों की पिटाई विषय पर बहुत गहराई से बात की है। शिक्षकों के इस रवैये के पीछे के सम्भावित कारणों की तरफ़ संकेत किए हैं। शिक्षक तो बच्‍चे को पीटकर अपना गुस्सा शान्त कर लेते हैं, परन्तु बच्चे के भीतर कितना हिस्सा मरता है, इसे संवेदनशीलता से बयान किया गया है।

More in Education

Browse all →