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अन्तःपरजीवी कैसे पहुँचते हैं गन्तव्य तक?

शर्मा, विपुल कीर्ति

FormatEbook
Published2017
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
ऐसे अन्त:परजीवी कृमि जिनकी न तो आँखें हैं और न ही प्रचलन अंग, मेज़बान के शरीर में किसी निश्‍चित स्थान तक कैसे पहुँच जाते हैं? ऐसा ही कृमि है लीवरफ्लूक। आखिर लीवरफ्लूक भेड़ के लीवर में कैसे पहुँच जाता है? इस आसान-से लगने वाले प्रश्‍न में शामिल हैं 100 वर्षों से अन्तःपरजीवी कृमि पर शोध। पढ़िए इस रोचक लेख में।

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