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त्रुटियों के विश्लेषण के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच को समझना

टेक्कर, शिखा

FormatEbook
Published2019
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख प्रोफ़ेसर हृदयकान्त दीवान के लेख ‘अंकगणित में त्रुटियों की व्याख्या’ में दिए गए तर्कों का जवाब है। लेख में शोध-साहित्य से प्राप्त पर्याप्त डेटा इस्तेमाल करते हुए यह तर्क किया गया है कि विद्यार्थियों की त्रुटियों को केवल लापरवाही या अतिसामान्यीकरण के कारण होने वाली त्रुटियों के रूप में एकरूप नहीं किया जा सकता। इसमें त्रुटियों के स्रोत को पहचानने के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया है। इसके अलावा लेख में अवधारणात्मक समझ को सक्षम करने वाले कार्यों को डिज़ाइन करने में शिक्षकों का समर्थन करने के महत्त्व पर ज़ोर देते हुए यह चर्चा भी की गई है कि शिक्षक क्या कर सकते हैं।

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