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मैं बड़ा हूँ या छोटा, या कुछ भी नहीं ?

चौधरी, नेमाराम

FormatEbook
Published2018
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख के माध्यम से लेखक किशोर बच्चों के शिक्षण और उनसे जुड़े मसलों पर खुलकर बात करने के अनुभव साझा करते हैं। वे बताते हैं कि इस क़वायद में उन्होंने विद्यालय में अन्य शिक्षकों के साथ मिलकर बच्चों के लिए किशोर-किशोरी मंच उपलब्ध करवाया, जिसके तहत बैठकों के ज़रिए नियमित बातचीत की गई। नतीज़तन बच्चों के लिए बुनियादी इन्तज़ाम एवं सुविधाएँ मुहैया करवाई गईं। इस तरह किशोरावस्था के अनछुए पहलुओं पर सम्‍वाद बच्चों को स्वनिर्णय लेने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने, शरीर के प्रति सजग होने, लोकतांत्रिक मूल्यों पर समझ बनाने एवं भावी जीवन हेतु तैयार करने में सहायक है।

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