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Cover of तर्कहीनता के ख़तरे

तर्कहीनता के ख़तरे

प्रियदर्शिनी, मुकुल

FormatEbook
Published2012
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख बताता है कि विद्यार्थी सिर्फ पाठ्यपुस्तकों से ही नहीं, अपने परिवेश से भी बहुत कुछ सीखता है। लेख यह भी बताता है कि एनसीएफ 2005 के लक्ष्यों के अनुरूप बनी पाठ्यपुस्तकों ने इस बात का ध्यान रखा है, वे शैक्षिक नवाचारों के लिहाज़ से बेहद महत्त्वपूर्ण हैं।

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