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कैसी हों पाठ्यपुस्तकें : संसद के विचार और छात्रों की अपेक्षाएँ

पुष्कर, पंकज

FormatEbook
Published2012
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख स्कूल में क्या पढ़ाया जाए, पाठ्यपुस्तकें कैसी हों, विद्यार्थी और उसके विकास से जुड़ी रूढ़ मान्यताएँ शिक्षा को कैसे प्रभावित करती हैं, जैसे सवालों से रू-ब-रू है। लेख चिन्हित करता है कि इन सवालों पर राजनेताओं और बुद्धिजीवियों की राय तो आती है पर विद्यार्थियों का पक्ष अनसुना ही रह जाता है। लेख यह भी बताता है कि संसद में पाठ्यपुस्तकों पर हुई बहस विद्यार्थियों की समझ से उलटी है।

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