Home › Literature › निर्वासन चिन्तन
निर्वासन चिन्तन
Full text being prepared
Keep a copy ₹9
About this book
यह लेख एडवर्ड सईद की संस्मरणात्मक पुस्तक ‘आउट ऑफ़ प्लेस’ से लिया गया है। लेख में बेघर होने की पीड़ा और अपने घर की तलाश की पीड़ा को महसूस किया जा सकता है। लेखक ने अपने बहाने तमाम निर्वासितों की पीड़ाओं और जड़ों की तलाश को यहाँ बौद्धिक और संवेदनात्मक तरीक़े से पेश किया है। इस तरह यह लेख मानसिक पीड़ाओं और सांस्कृतिक पराएपन में जीने के लिए अभिशप्त लोगों की सच्ची कहानी पेश करता है।