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राजनीतिक अध्ययन में एथ्नॉग्राफ़ी की भूमिका

कुमार, सतेन्‍द्र

FormatEbook
Published2015
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy ₹9
About this book
इस लेख के ज़रिये एथ्नॉग्राफ़ी-आधारित उपागम के तीन लाभों की चर्चा की गई है। पहला, एथ्नॉग्राफ़ी राजनीति के सूक्ष्म पहलुओं को समझने की कुंजी है, दूसरा, यह एक ऐसा उपागम है जो किसी अनसुलझे और जटिल परिदृश्य के सूत्रों को सूचनादाताओं, विचारधाराओं और किसी समूह विशेष के अन्दरूनी दृष्टिकोण के आधार पर समझने का प्रयास करता है और तीसरा, एथ्नॉग्राफ़ी का उपागम व्यक्ति से केवल सवाल पूछने में यकीन नहीं करता है बल्कि वह उसकी गतिविधियों के अवलोकन को भी बराबर का महत्त्व देता है। लेकिन, एथ्नॉग्राफ़ी शोध की एक बड़ी सीमा यह है कि इसके आधार पर सामान्यीकृत निष्कर्षों तक नहीं पहुँचा जा सकता। फिर भी, राजनीतिक प्रक्रियाओं, उनके विमर्शों की सही समझ विकसित करने के लिए जिन पद्धतियों का इस्तेमाल होता है उनके मुक़ाबले एथ्नॉग्राफ़ी एक ज़्यादा सम्भावनाशील अनुशासन है।

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