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असहिष्णुता के स्वर और कृष्‍णन के पात्र

कृष्णन, माधवैया

FormatEbook
Published2023
LanguageHindi
ReadingIncluded
Full text being prepared Keep a copy $1
About this book
लेख, माधवैया कृष्णन द्वारा 1951 में कलकत्ता के ‘द स्टेट्समैन’ अख़बार के पाक्षिक कालम कंट्री नोटबुक में प्रकाशित लेख का पुन: प्रकाशन है। इसके ज़रिए लेखक अपने आस-पास घटित तोतों के झुण्ड द्वारा एक अकेले बोनट बन्दर को परेशान करने के प्रति आम लोगों की अनदेखी को रेखांकित करते हैं। कृष्‍णन के कुछ पात्रों पर एक टिप्‍पणी भी है।

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